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आज है गौहर जान का 145वां जन्मदिन,  गूगल ने डूडल के माध्यम से दिया सम्मान ।

गौहर जान ने अपने म्यूजिक को  इंडियन ग्रामोफोन कंपनी द्वारा निर्मित 78 RPM पर रिकॉर्ड  किया  ।

गौहर जान का जन्म से आज से 145 वर्ष पूर्व 26 जून 1873 को हुआ था । गौहर जान का असली नाम एंजेलिना येओवर्ड (Angelina Yeoward ) है । एंजेलिना की माता का नाम विक्टोरिया हम्मिंग्स ( Victoria Hemmings) था जिनका विवाह 1872 में हुआ था । गौहर की माता विक्टोरिया को डांस और म्यूजिक में निपुड़ता प्राप्त थी। विक्टोरिया का जन्म भी इंडिया में ही हुआ था । विक्टोरिया के पति और एंजेलिना ( गौहर ) के पिता विलियम रोबर्ट येओवर्ड ( William Robert Yeoward ) ड्राई आइस ( Dry Ice ) फैक्ट्री में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे।

विक्टोरिया बनीं  “मलका जान” और एंजेलिना बनीं  “गौहर जान”

विलियम रोबर्ट येओवर्ड को विक्टोरिया के डांस और म्यूजिक में कोई रूचि नहीं थी । विलियम रोबर्ट येओवर्ड और विक्टोरिया का रिश्ता लम्बे समय तक नहीं चल पाया और विवाह के 7 साल (1879 )में ही दोनों ने तलाक ले लिया । विक्टोरिया और एंजेलिना ( गौहर ) का जीवन सरल नहीं था । गौहर की माता को एंजेलिना का पालन पोषण और जीविका के लिए काफी कष्ट उठाना पड़ा ।

गौहर की मां विक्टोरिया ने अपने पति से अलग होते ही खुर्शीद नामक एक मुस्लिम साथी के साथ सम्बन्ध बना लिया और उस मुस्लिम व्यक्ति से निकाह के बाद अपने और अपने पुत्री का नाम मुस्लिम नामकरण के अनुसार बदल लिया । विक्टोरिया नाम “मलका जान” हो गया और एंजेलिना बदलकर “गौहर जान” हो गयीं ।

विक्टोरिया उर्फ़ मलका जान के जीवन में बड़ा बदलाव आ गया और निकाह के बाद जब विक्टोरिया बनारस आयीं तो “बड़ी मलका जान” के नाम से प्रसिद्धि मिली । बनारस में विक्टोरिया वैश्या के रूप में विख्यात हुईं और साथ ही गायिकी और कत्थक में खूब नाम कमाया ।

उस समय की 4 मलका जान में सबसे बड़ी थीं विक्टोरिया 

बड़ी मलका जान नाम विक्टोरिया को मिलाने के एक वजह थी। उस समय 3 और मलका जान काफी प्रसिद्ध थीं । मलका जान (आगरा), मलका जान (मुल्क पुखराज) और मलका जान (चुलबुली) । विक्टोरिया इन तीनो से बड़ी थीं इसलिए इनके नाम के “बड़ी” शब्द जुड़ गया और विक्टोरिया “बड़ी मलका जान” बन गयीं ।

1883 में विक्टोरिया कलकत्ता चलीं आयीं और वाजिद अली शाह के साथ उन्ही के दरबार में अपनी जगह बना ली। गौहर ने अपना प्रशिक्षण यहीं से शुरू किया था ।

बिरजू महाराज के ग्रैंड अंकल से सीखा कत्थक

गौहर ने पटिआला के काले खान (कालू उस्ताद ), रामपुर के उस्ताद वज़ीर खान  और जरनैल के उस्ताद अली बक्श से  “लाइट क्लासिकल हिंदुस्तानी वोकल म्यूजिक” के शिक्षा ली । कत्थक के शिक्षा गौहर ने वर्तमान के प्रसिद्ध कत्थक गुरु बिरजू महाराज के ग्रैंड अंकल बृन्दादिन महाराज से ली थी । गौहर ने चरण दस से बंगाली कीर्तन,  सृजनबाई से धूपड़ धामर सीखा ।

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