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पटरी पर किसका हक़, रावण दहन कर रहे लोगों का या ट्रैन का

अमृतसर में हुए ट्रैन हादसे में जिम्मेदार खुद जनता, रावण दहन के लिए गलत जगह का चुनाव या फिर ट्रैन ।

शनिवार 20 अक्टूबर 2018, पंजाब के अमृतसर में हुए ट्रैन हादसे में कई लोगो के जान चली गयी और जो लोग घायल हुए हैं उनको अस्पताल पहुंचाया गया है । शुक्रवार को यह घटना उस समय की है जब रात्रि में लोग रावण दहन में शामिल होने पहुंचे थे । आश्चर्य वाली बात यह है की रावण दहन का कार्यक्रम रेलवे ट्रैक के नज़दीक हुआ था और लोग इस दहन को देखने के लिए ट्रैक पर खड़े हो गए थे ।

दहन के दौरान एक ट्रैन अचानक वहां आ पहुंची और उसने ट्रैक पर खड़े लोगों को कुचलते हुए निकल गयी । मरने वालों की संख्या की अभी पुष्टि नहीं हो पायी है और घायल लोगों को अस्पताल पहुँचाया जा चूका है ।

क्या इस हादसे का कारण ट्रेन है ?

क्या लोगो का ट्रेन की ट्रैक पर खड़े होकर रावण दहन देखना उचित था । रावण दहन की समय सड़क मार्गों को बंद कर दिया जाता है और परिवहन का रुट बदल दिया जाता है जिससे रावण दहन का समय एकत्रित हुए लोगों के साथ किसी प्रकार का कोई हादसा न हो । क्या ट्रेन ट्रैक या हवाई अड्डा जैसे जगहों पर लोगों का रावण दहन के लिए अनुमति सरकार द्वारा स्वीकृत करना उचित है ।

ट्रैन ट्रैक पर खड़े लोगों को क्या या मालूम नहीं था कि उस ट्रेन ट्रैक पर आने वाली ट्रेनों के मार्ग को परिवर्तित नहीं किया गया या मार्ग को रोका नहीं गया है ? ट्रेन का ट्रैक कितना उचित था रावण दहन को देखने के लिए ? ट्रेन तो अपने ट्रैक पर थी जनता ट्रेन के ट्रैक पर खड़ी होकर रावण दहन को देख रही थी और वो भी बेफिक्र होकर ।

क्या प्रशासन दोषी नहीं ?

जिस रावण दहन में नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी अतिथि के रूप में पहुंची थी जाहिर है वो कोई छोटा मोटा कार्यक्रम तो होगा नहीं । प्रशासन के लोगो के रावण दहन के जगह और समय का ज्ञान तो होगा ही । प्रसाशन को यह तो पता था की रावण दहन रेलवे ट्रैक के पास हो रहा है । सुरक्षा के पुलिस कर्मी भी होंगे । फिर दोष ट्रेन का कैसे ? प्रसाशन ने रेलवे ट्रैक के किनारे रावण दहन की अनुमति कैसे दी ? रावण दहन के लिए ट्रैक पर कोई व्यवस्था क्यों नहीं की गयी ? क्या प्रशासन इसका जिम्मेदार नहीं है ?

क्यों थी जनता बेफिक्र ?

जिस जगह या हादसा हुआ वहां जनता ने दहन को ट्रैक पर खड़े होकर एन्जॉय किया । क्या जनता को यह नहीं मालूम था कि वह ट्रैक ट्रेन के लिए है ? क्या जनता को यह बताया गया था कि बेफिक्र होकर ट्रैक पर खड़े रहो और रावण दहन देखो ? जनता क्यों थी इतनी बेफिक्र क्या उन्हें अपने प्राणो से ज्यादा रावण दहन को देखने में रूचि थी ?
इस हादसे का जिम्मेदार कौन ?

जिस प्रकार रावण दहन के लिए ट्रेन ट्रैक का हिस्सा चुना है आने वाले समय में प्रशासन हवाई अड्डों के किनारे भी रावण दहन की मंजूरी दे देगा और फिर होने हादसे का जिम्मेदार उतरने वाले हवाई जहाज को ठहरा देगा । जब दीपवाली में पटाके जलने के नशीहत विज्ञापन के द्वारा दी जाती है तो यही बताया जाता है पटाके सावधानी से जलाएं । फिर इतने बड़े समारोह को चलने में असावधानी क्यों ? रेलवे ट्रैक के बगल में रावण दहन क्यों ?

जानकारी के अनुसार जिस ट्रेन से यह हादसा हुआ है वह डीएमयू ट्रेन थी जिसका नंबर 74943 था ।

 

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