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खाने को रोटी नहीं तो फिर सर्जिकल स्ट्राइक के लिए धन कहाँ से ?

जो देश अपने पूर्व प्रधानमंत्री की भैंसों को भेजकर धन इक्कठा कर रहा हो वो करेगा 10 सर्जिकल स्ट्राइक ।

रविवार 14 अक्टूबर 2018, भारत के द्वारा किये गए सर्जिकल स्ट्राइक से परेशान पाकिस्तान के सैनिक प्रमुख 10-10 सर्जिकल स्ट्राइक की बात कर रहे हैं । पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति ऐसे है कि देश के खज़ाने में धन के लिए पूर्व प्रधानमंत्री की भैंसों को बेचना पड़ा । सऊदी अरब से पेट्रोल भी उधर मांगना पड़ा । अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए अमेरिका से आर्थिक मदद की आस लगाए बैठा पाकिस्तान 10-10 सर्जिकल स्ट्राइक करेगा ।

पाकिस्तानी रेडियो से बातचीत करते हुए सेना की इंटर सर्विसेज के जनसंपर्क विभाग के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने लंदन से 10 सर्जिकल स्ट्राइक की बात कही । कमर जावेद बाजवा जो की पाकिस्तानी सेना के प्रमुख हैं इस समय लंदन में हैं और प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने सेना प्रमुख बाजवा की तरफ से ये सब बातें कहीं ।

आसिफ गफूर ने कहा कि जो लोग पाकिस्तान को कमज़ोर समझ रहे हैं वो सावधान रहें । पाकिस्तान के प्रवक्ता ने बताया कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पाकिस्तानी सेना के पास 50 अरब डॉलर की China–Pakistan Economic Corridor संरक्षक प्रोजेक्ट है ।

क्यों पाकिस्तान ने दिखाई यह बौखलाहट ?

पाकिस्तान की खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान की खिलाफ भारत की तरफ से की गयी कार्यवाई नहीं थी बल्कि यह सर्जिकल स्ट्राइक आतंगवाद की खिलाफ थी । आतंगवाद को समाप्त करने की ही भारत द्वारा ऐसे सर्जिकल स्ट्राइक के लिए कदम उठाया गया था । पाकिस्तान अपनी जनता और देश की विकास से ज्यादा आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद कर दे तो भारत निश्चयरूप से ऐसे किसी सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम नहीं देगा । भारत ने कभी भी किसी दूसरे देश की जमीन पर कब्ज़ा करने और वहां की जनता को किसी भी प्रकार से नुकसान पहुँचाने की नहीं सोंची ।

ख़राब आर्थिक स्थिति से जूझ रहा पाकिस्तान सर्जिकल स्ट्राइक की बातों की जगह अगर अपने देश की विकास की बारे में सोंचता तो न तो उसे व्यर्थ की हेकड़ी दिखानी पड़ती और न उसके देश की ऐसी हालत होती ।

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