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नो कॉन्फिंडेंस मोशन था या राहुल गाँधी का लूज़ मोशन ?

संसद  में कांग्रेस का नाटक नो कॉन्फिडेंस मोशन ?  126 सांसदों के साथ राहुल ने मोदी के 325 सांसदों के खिलाफ नो कॉन्फिडेंस मोशन के नाम पर उड़ाया  देश और सदन का मजाक ।

शुक्रवार 20 जुलाई 2018, संख्या का दम भरने वाली सोनिआ गाँधी और भूकंप लाने वाले उनके पुत्र राहुल गाँधी दोनों ही झुठे, देश की जनता को गुमराह करने वाले और देश को विकास से दूर ले जाने वाले एजेंट साबित हुए । सोनिआ गाँधी की संख्या १२६ रही जबकि बीजेपी को ३२५ वोट मिले । राहुल गाँधी रफाल पर जो झुठ पर झुठ बोलै उसको फ्रांस ने सिरे से खारिज कर दिया ।

क्या राहुल गाँधी की तमन्ना थी मोदी जी से मिलने की ?

भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद से ही राहुल गाँधी कई बार देश के सक्षम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विरोध में कई बार धमकी देते नज़र आए। कभी कहा उनके भाषण से संसद में भूकंप आ जायेगा तो कभी कहा प्रधानमंत्री राहुल की आँखों में आंखें डालकर बात नहीं कर पाएंगे । पप्पू नाम से विख्यात राहुल गाँधी नो कॉन्फिडेंस मोशन की दौरान अपना भाषण ख़त्म करते ही मोदी जी के पास जाकर गले से लिपट गए मानों पहले से ही ठान के बैठे हों कि अवसर हाथ से निकला जाये ।

राहुल ने मोदीजी से गले लगने कि बाद आंख क्यों मारी?

राहुल कांग्रेस के अध्यक्ष हैं जो कभी एक बड़ी पार्टी थी ने मोदीजी के गले लगने के बाद अपने सीट पर बैठते हुए अपने ही पार्टी के अन्य सदस्य की तरफ देखकर आंख मारी और मुस्कराये । सदन में बैठे स्पीकर ने राहुल को आड़े हाथ लिया और नसीहत दी की सदन की मर्यादा नहीं भूलनी चाहिए ।

सवाल ये उठता है राहुल ने ऐसा कौन सा बड़ा कार्य कर दिया था या बीजेपी की कौन से रैकेट का भांडा भोड़ दिया कि यही भूल गए गले किसके लगकर आये हैं । जिस व्यक्तित्व का देश में ही नहीं अपितु विदेशों में भी सम्मान किया जाता है और जो देश के प्रधानमंत्री होने के कारण भी सम्मान के पात्र हैं उस व्यक्ति के प्रति राहुल का आँख मारना कहाँ तक शोभनीय था ?

सोनिया और राहुल गाँधी का झूठा बयान

राहुल गाँधी की माता और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष, राजीव गाँधी की पत्नी सोनिया गाँधी ने भी मीडिया में संख्या को लेकर देश की जनता को अँधेरे में रखा । राहुल गाँधी संसद में चिल्ला चिल्ला कर रफाल के डील के विषय में देश की जनता को बहकते हुए नज़र आये । कांग्रेस के ये माँ बेटे देश की जनता के साथ विश्वासघात कर बीजेपी के विरुद्ध कौन सा अविश्वास लाना चाहते थें ।

राहुल और सोनिया ने देश को क्या दिया ?

बिना सिर पैर के अविश्वास प्रस्ताव सोनिया और राहुल की कोई चाल थी बीजेपी को बदनाम करने की साजिश या अपनी भड़ास निकालने के लिए देश का धन बर्बाद कर दिया ?

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